Sonntag, 22. Februar 2026

घोषणापत्र

 धरती री विशाल छाती प्रकृति अर मिनख नै घेरै है। आंतरिक आत्मा कांई बणबा री कोशिश करै है, वो हरेक मिनख रै मांय प्रगट हुवै है।

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